खेल ms dhoni given farewell to sourav ganguly in a unique way1
धोनी का यह तोहफा सौरव गांगुली के लिए यादगार रहा – ms dhoni given farewell to sourav ganguly in a unique way

नई दिल्ली : टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने आज ही के दिन यानि 10 नवंबर 2008 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. सौरव गांगुली को ना केवल अपने साहसिक फैसलों, बल्कि युवाओं को मौका देने के लिए भी जाना जाता है. गांगुली से पहले टीम इंडिया को ‘घर का शेर’ कहा जाता था, लेकिन गांगुली ने विदेशों में शानदार जीत हासिल कर भारत को इस तमगे से आजादी दिलाई. 2001 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गांगुली के क्रिकेट करियर का सबसे अहम मोड़ था. गांगुली ने यह ट्रॉफी जीती और इसके बाद 2002 में नेट वेस्ट सीरीज जीत कर यह साबित कर दिया कि वह भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं.

गांगुली ने अपने करियर की समाप्ति 113 टेस्ट मैचों में 7212 रन के साथ की जिनमें 16 शतक शामिल हैं. भारत के सबसे सफल कप्तान गांगुली ने 49 टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व किया और 21 मैच जीते. गांगुली ने अपने करियर का आखिरी टेस्ट मैच नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था.

गांगुली के उनके आखिरी टेस्ट को यादगार बनाने के लिए तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक खास तोहफा दिया था. बता दें कि गांगुली ने 9 नवंबर 2008 को आखिरी टेस्ट पारी खेली. यह टेस्ट मैच 6 नवंबर 2008 से 10 नवंबर 2008 तक खेला गया था. धोनी ने दादा के करियर के आखिरी टेस्ट मैच की कप्तानी खुद सौरव गांगुली से करवाई थी.

धोनी का यह तोहफा न केवल सौरव गांगुली के लिए यादगार और खास रहा, बल्कि धोनी के इस कदम से पूरी दुनिया हैरान थी और उनके इस फैसले की जमकर तारीफ भी की थी.

सौरव गांगुली के करियर का आखिरी टेस्ट मैच नागपुर के विदर्भ क्रिकेट स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला जा रहा था, जिसमें टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी कर रही थी. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 441 रन बनाए. इस पारी में गांगुली ने 85 रनों की शानदार पारी खेली थी.

वहीं, दूसरी पारी में भारत ने 295 रन बनाए, इस पारी में दादा गोल्डन डक पर आउट हो गए थे. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी और 9 विकेट गिरने के बाद धोनी ने गांगुली के सम्मान में उनको कप्तानी सौंप दी. यह गांगुली के साथ ही पूरे देश के लिए यादगार पल रहा.

नागपुर टेस्ट में मिली जीत के साथ ही भारत के सबसे सफल कप्तान रहे सौरव गांगुली की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई हो गई थी. बता दें कि सौरव गांगुली ने अपने टेस्ट करियर की पहली पारी में शतक जमाया था, लेकिन अपने करियर की अंतिम पारी में वो खाता नहीं खोल पाए और जीरो पर पवेलियन लौट गए थे.

बावजूद इसके गांगुली ने अपनी आखिरी पारी में एक रिकॉर्ड बना दिया था. सौरव गांगुली टेस्ट क्रिकेट में पहली पारी में शतक और अपनी आखिरी पारी में शून्य बनाने वाले इंग्लैंड के बिली ग्रिफिथ के बाद दूसरे क्रिकेटर बन गए.

Related Post

Subscribe to Blog via Email

Web Maintenance, Update by