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भारतीय नेता अरुणाचल जाने के लिए स्वतंत्र हैं – india rejects chinas objection to def minister nirmala sitharaman visit to arunachal pradesh

नई दिल्ली: भारत ने गुरुवार को चीन की उस आपत्ति को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर नाराजगी जाहिर की थी. भारत ने कहा कि यह (अरुणाचल) देश का अभिन्न हिस्सा है और भारतीय नेता वहां जाने के लिए स्वतंत्र हैं ठीक वैसे ही जैसे किसी और राज्य में जाते हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और भारतीय नेता उसी तरह से वहां (अरुणाचल) जाने के लिए स्वतंत्र हैं जैसे वे देश के किसी अन्य राज्य में जाते हैं.’

भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधि के बीच सीमा को लेकर होने वाले अगले स्तर की वार्ता से जुड़े सवाल पर कुमार ने कहा कि दोनों ही पक्ष एक-दूसरे से संपर्क में हैं. उन्होंने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘हमारे पास बातचीत को लेकर कोई निश्चित तारीख अब तक नहीं है. दोनों पक्ष संपर्क में हैं. एक बार जब हमें तारीख मिल जाएगी आपको बता देंगे.’

उल्लेखनीय है कि भारतीय रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के अरुणाचल प्रदेश के दौरे को लेकर चीन ने सोमवार (6 नवंबर) को नाराजगी जाहिर की थी. चीन ने कहा था कि विवादित क्षेत्र का दौरा सीमा पर शांति बनाने में सहायक नहीं होगा. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, “भारतीय रक्षामंत्री के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर हमारा रुख बहुत साफ है कि चीन-भारत सीमा का पूर्वी भाग विवादित है.”

उन्होंने कहा था, “भारतीय पक्ष से विवादित क्षेत्र का दौरा प्रासंगिक क्षेत्र में शांति बनाने में सहायक नहीं है. हम आशा करते हैं कि भारतीय पक्ष चीन के साथ वार्ता व सार्थक माहौल बनाते हुए सीमा मुद्दे के उचित समाधान के लिए मिलकर काम करेगा.” हुआ ने कहा था, “हम आशा करते हैं कि भारत चीन के साथ समाधान निकालने के साझा लक्ष्य पर काम करेगा, जो कि दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो.”

सीतारमण ने रविवार (5 नवंबर) को चीन से लगे अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले की सुदूर सैन्य चौकियों का दौरा किया था. चीन भारत के इस पूर्वोत्तर राज्य को अपना बताता है और इसे दक्षिण तिब्बत कहता है. सीतारमण ने भारतीय सैन्य अधिकारियों से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रक्षा तैयारियों का जायजा लिया था. चीन हमेशा भारतीय मंत्री या विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के अरुणाचल दौरे पर नाराजगी जाहिर करता है. तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के अप्रैल में अरुणाचल प्रदेश के दौरे से भारत व चीन के बीच संबंधों में खटास पैदा हो गई थी.

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